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शुक्रवार, 14 मार्च 2014

उपग्रह क्या है ? { What is the satelite ? }


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उपग्रह कुछ इस तरह का नाम है जैसे कि लगता है उपप्रधानमंत्री - इसको समझने का एक तरीका ये है - जैसे प्रधानमंत्री के अंडर में सारे काम काज आते है , और लगभग सांसदों के वोट से उसका चुनाव होता है मगर उपप्रधानमंत्री को चुनने वाला काम प्रधानमंत्री के मुख्य सदस्य हि करतें है , और उसका कार्य जानकारियों को उन सदस्यों तक पहुँचाना होता है -

ठीक उसी प्रकार आप प्रधानमंत्री को ग्रह के रूप में जो कि प्राक्रतिक रूप से बना है - समझ सकते है , और उपग्रह को उपप्रधानमंत्री - जो कि वैज्ञानिक लोग निर्माण करते है - ब्रम्हांड कि जानकारियाँ पाने हेतु समझ सकते है -
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आगे बात करते है वैज्ञानिक द्रष्टि से उपग्रह को समझने की -

उपग्रह को अंग्रेजी भाषा में Satelite कहा जाता है -

किसी ग्रह के चारो ओर परिक्रमा करने वाले पिंड को उस ग्रह का उपग्रह कहते है | चंद्रमा , पृथ्वी का प्राक्रतिक उपग्रह है जबकि INSAT-B , पृथ्वी का कृतिम उपग्रह है |
उपग्रह की कक्षीय चाल कक्षीय त्रिज्या पर निर्भर करती है | पृथ्वी तल के अति निकट चक्कर लगाने वाले उपग्रह की कक्षीय चाल लगभग ७.९ या ८ किमी/ से होती है |
पृथ्वी के अति निकट चक्कर लगाने वाले उपग्रह का परिक्रमण काल ८४ मिनट होता है |
भू-स्थायी उपग्रह पृथ्वी तल से लगभग ३६००० किमी की ऊँचाई पर रहकर पृथ्वी का परिक्रमण करता है | भू-स्थायी उपग्रह पृथ्वी के अक्ष के लम्बवत तल में पश्चिम से पूरब की ओर पृथ्वी की परिक्रमा करता है तथा इसका परिक्रमण काल पृथ्वी के परिक्रमण काल ( २४ घंटे ) के बराबर होता है |
कृत्रिम उपग्रह के अन्दर प्रत्येक वस्तु भारहीनता की स्थिति में होती है |
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उपग्रह से सम्बंधित कुछ महत्वपूर्ण तथ्य -


साउंडिंग रॉकेट - इनका कार्य यंत्रों को पृथ्वी के बाह्य वायुमंडल तथा पृथ्वी के नज़दीकी अन्तरिक्ष में ले जाना है | इनमें यंत्रों दवारा ताप और दाब के साथ-साथ अन्तरिक्ष के विकिरणों का भी आंकलन किया जा सकता है |



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भू-तुल्यकालिक कक्षा में संचार उपग्रह स्थापित करने की संभावना सबसे पहले आर्थर-सी क्लार्क ने व्यक्त की |


तुल्यकाली उपग्रह का उपयोग रेडियो प्रसारण तथा मौसम सम्बन्धी भविष्यवाणी के लिए किया जाता है |
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मित्रों ये जानकारी आपको हिंदी में कैसी लगी , कृपया अपनी टिप्पड़ी ज़रूर दें ! धन्यवाद
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25 टिप्‍पणियां:

  1. सत्य जानकारी और शानदार लेखन |

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  2. उत्तर
    1. राजीव भाई धन्यवाद व स्वागत हैं

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  3. आपकी इस प्रस्तुति को आज कि अल्बर्ट आइंस्टीन और ब्लॉग बुलेटिन में शामिल किया गया है। कृपया एक बार आकर हमारा मान ज़रूर बढ़ाएं,,, सादर .... आभार।।

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  4. बहुत ही उपयोगी और महत्वपूर्ण जानकारी,आभार आशीष भाई।

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    1. राजेंद्र सर , धन्यवाद व स्वागत हैं ।

      हटाएं
  5. बहुत उपयोगी और रोचक जानकारी...

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    1. कैलाश सर आगमन हेतु धन्यवाद व स्वागत है |

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  6. सरल और शीधे शब्दों में उपग्रह की जानकारी ...
    होली कि बधाई ...

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    1. दिगंबर भाई धन्यवाद व स्वागत है , होली की शुभकामनाओं सहित
      || जय श्री हरिः ||

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  7. unlimited-potential
    अति सुंदर जानकारियाँ ,
    बढ़िया प्रयास
    कुछ चीजे मैं भी जोड़ना चाहूँगा -
    १]geo-satellite{भू-उपग्रह}को श्रीहरिकोटा से छोड़ा जाता हैं |
    २]भू-स्थिर उपग्रह को {टेलीकम्युनिकेशन /पार्किंग /सिंक्रोनस}विषुवत {इक्वेटर}से छोड़ा जाता हैं |
    ३]भारत का सबसे पहला भू-उपग्रह आर्यभट १ था ,जबकि भू-स्थिर उपग्रह एप्पल १ था |

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    उत्तर
    1. इक्वेटर {विषुवत}..जैसे सिंगापुर |

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    2. बहुत ही उम्दा जानकारी , अजय भाई आगमन व सहायता करने हेतु बड़े भाई को धन्यवाद व स्वागत हैं ।

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  8. अति सुन्दर जानकारी मे भी satellite बनाने का कार्य कर रहा हुं

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  9. अति सुन्दर जानकारी मे भी satellite बनाने का कार्य कर रहा हुं

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